News

भारत पेट्रोल और कच्चा तेल किन देशों से खरीदता है? जानिए पूरी जानकारी

भारत पेट्रोल और कच्चा तेल किन देशों से खरीदता है? जानिए पूरी सच्चाई

आज की दुनिया में ऊर्जा किसी भी देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ मानी जाती है। पेट्रोल, डीजल और अन्य ईंधन के बिना आधुनिक जीवन की कल्पना करना लगभग असंभव है। भारत भी दुनिया के उन बड़े देशों में शामिल है जहां ऊर्जा की मांग लगातार बढ़ रही है। लेकिन एक महत्वपूर्ण सवाल अक्सर लोगों के मन में आता है — भारत पेट्रोल या कच्चा तेल किन देशों से खरीदता है?

असल में भारत सीधे पेट्रोल बहुत कम आयात करता है। भारत ज्यादातर कच्चा तेल (Crude Oil) खरीदता है और उसे देश की रिफाइनरियों में प्रोसेस करके पेट्रोल, डीजल और अन्य ईंधन में बदलता है।

भारत दुनिया का बड़ा तेल आयातक

भारत दुनिया के सबसे बड़े तेल आयात करने वाले देशों में से एक है। देश में जितना कच्चा तेल इस्तेमाल होता है उसका लगभग 80 से 85 प्रतिशत हिस्सा विदेशों से आयात किया जाता है।

इसका मतलब यह है कि भारत की ऊर्जा जरूरतों का बड़ा हिस्सा दूसरे देशों पर निर्भर करता है। इसलिए भारत कई देशों के साथ तेल व्यापार संबंध बनाए रखता है ताकि किसी एक देश पर ज्यादा निर्भरता न हो।

रूस से बढ़ा तेल आयात

पिछले कुछ वर्षों में भारत ने Russia से कच्चे तेल की खरीद काफी बढ़ा दी है। रूस दुनिया के सबसे बड़े तेल उत्पादक देशों में से एक है।

अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों के कारण रूस ने अपने तेल पर छूट भी दी थी, जिससे भारत जैसे देशों के लिए वहां से तेल खरीदना सस्ता हो गया। यही कारण है कि हाल के समय में भारत के लिए रूस एक बड़ा तेल सप्लायर बन गया है।

इराक भी बड़ा सप्लायर

भारत के लिए कच्चे तेल का एक और बड़ा स्रोत Iraq है। कई वर्षों से इराक भारत को बड़ी मात्रा में तेल निर्यात करता रहा है।

मध्य पूर्व के देशों में इराक का तेल उत्पादन काफी अधिक है और वहां से भारत तक तेल पहुंचाना भी अपेक्षाकृत आसान है।

सऊदी अरब का महत्वपूर्ण योगदान

मध्य पूर्व का एक और बड़ा तेल उत्पादक देश Saudi Arabia भी भारत को बड़ी मात्रा में कच्चा तेल सप्लाई करता है।

सऊदी अरब लंबे समय से भारत का भरोसेमंद ऊर्जा साझेदार रहा है। भारत की कई रिफाइनरियां सऊदी अरब से आने वाले कच्चे तेल को प्रोसेस करती हैं।

संयुक्त अरब अमीरात से भी आयात

भारत United Arab Emirates से भी तेल खरीदता है। यूएई के साथ भारत के व्यापारिक संबंध काफी मजबूत हैं और ऊर्जा व्यापार भी इसका महत्वपूर्ण हिस्सा है।

अमेरिका से भी तेल खरीद

पिछले कुछ वर्षों में भारत ने United States से भी कच्चा तेल आयात करना शुरू किया है।

अमेरिका में शेल ऑयल उत्पादन बढ़ने के बाद वहां से तेल निर्यात भी बढ़ा है। इससे भारत को अपने आयात स्रोतों में विविधता लाने का मौका मिला है।

भारत में तेल को कैसे बनाया जाता है पेट्रोल?

जब भारत कच्चा तेल आयात करता है तो उसे देश की बड़ी रिफाइनरियों में भेजा जाता है। भारत में कई बड़ी तेल रिफाइनरियां हैं जहां कच्चे तेल को अलग-अलग प्रक्रियाओं से गुजारा जाता है।

इन प्रक्रियाओं के बाद कच्चे तेल से कई उत्पाद बनते हैं जैसे:

• पेट्रोल

• डीजल

• एलपीजी गैस

• एविएशन फ्यूल

• पेट्रोकेमिकल उत्पाद

इसके बाद यह ईंधन पूरे देश में सप्लाई किया जाता है।

भारत क्यों करता है तेल आयात?

भारत में भी कुछ मात्रा में कच्चा तेल उत्पादन होता है, लेकिन यह देश की कुल जरूरतों के मुकाबले बहुत कम है।

तेल की मांग तेजी से बढ़ने के कारण भारत को विदेशों से तेल खरीदना पड़ता है। खासकर परिवहन, उद्योग और बिजली उत्पादन में तेल की बड़ी भूमिका है।

ऊर्जा सुरक्षा क्यों जरूरी है?

भारत जैसे बड़े देश के लिए ऊर्जा सुरक्षा बेहद महत्वपूर्ण है। अगर किसी कारण से तेल की सप्लाई रुक जाए तो इसका असर अर्थव्यवस्था और आम लोगों की जिंदगी पर पड़ सकता है।

इसलिए भारत कई देशों से तेल खरीदता है ताकि किसी एक देश पर पूरी तरह निर्भरता न हो।

भविष्य में क्या होगा?

विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में भारत धीरे-धीरे वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों की ओर भी बढ़ेगा।

सोलर ऊर्जा, इलेक्ट्रिक वाहन और ग्रीन एनर्जी जैसी तकनीकें भविष्य में तेल पर निर्भरता को कम कर सकती हैं।लेकिन फिलहाल पेट्रोल और डीजल भारत की ऊर्जा जरूरतों का बड़ा हिस्सा बने रहेंगे।

भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए कई देशों से कच्चा तेल आयात करता है। Russia, Iraq, Saudi Arabia, United Arab Emirates और United States जैसे देश भारत के प्रमुख तेल सप्लायर हैं।

आने वाले समय में भारत ऊर्जा के नए स्रोतों पर भी ध्यान देगा, लेकिन अभी के लिए विदेशी तेल आयात देश की अर्थव्यवस्था के लिए बेहद महत्वपूर्ण बना हुआ है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *