पासपोर्ट जब्त नहीं, 30 दिन की छुट्टी पक्की! सऊदी अरब के नए नियमों से भारतीयों की बल्ले-बल्ले

मज़दूरों और कर्मचारियों के हक़ में बदले नियम, अब शोषण पर लगेगी लगाम
सऊदी अरब में काम कर रहे लाखों भारतीयों और प्रवासी मज़दूरों के लिए एक बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। सऊदी सरकार ने लेबर लॉ में ऐतिहासिक बदलाव करते हुए ऐसे नए नियम लागू किए हैं, जो सीधे तौर पर कर्मचारियों की सुरक्षा, सम्मान और अधिकारों को मजबूत करते हैं।ये नियम सिर्फ कागज़ी नहीं हैं, बल्कि ज़मीन पर मज़दूरों की ज़िंदगी बदलने की क्षमता रखते हैं। आइए आसान भाषा में समझते हैं कि नए नियम क्या हैं और भारतीय कामगारों को इससे क्या फायदा होगा।
अब कंपनी मालिक पासपोर्ट या निजी सामान नहीं रख सकेंगे
पहले कई कंपनियां कर्मचारियों का पासपोर्ट, मोबाइल या ज़रूरी दस्तावेज़ अपने पास रख लेती थीं, जिससे मज़दूर मजबूर हो जाते थे।नए नियमों के अनुसार
• कोई भी कंपनी मालिक कर्मचारी का पासपोर्ट, वीज़ा या निजी सामान जब्त नहीं कर सकेगा
• ऐसा करना कानूनी अपराध माना जाएगा
यह नियम खासतौर पर भारतीय मजदूरों के लिए बहुत बड़ी सुरक्षा है।
90 दिन का प्रोबेशन, बिना मुआवज़ा करार खत्म नहीं होगा
अब नौकरी की शुरुआत में 90 दिनों का प्रोबेशन पीरियड तय किया गया है।
• इस अवधि में कोई भी पक्ष बिना वजह और बिना नियमों के करार खत्म नहीं कर सकता
• मनमानी बर्खास्तगी पर रोक लगेगी
इससे कर्मचारियों को नौकरी की स्थिरता मिलेगी। रहना दूर है तो व्यवस्था कंपनी करेगी . अगर कर्मचारी की रहने की जगह काम की साइट से दूर है, तो . आवास • यातायात • अन्य ज़रूरी सुविधाएं , कंपनी मालिक को खुद उपलब्ध करानी होंगी, कर्मचारी से पैसे नहीं लिए जा सकते।
वीज़ा और परमिट की कोई फीस कर्मचारी से नहीं
अब कंपनियां इन चीज़ों के लिए कर्मचारी से पैसा नहीं वसूल सकतीं:
• वीज़ा
• रिहायशी परमिट
• मेडिकल या सरकारी
प्रक्रियासारा खर्च कंपनी मालिक की जिम्मेदारी होगी।
⏰ काम के घंटे तय, आराम अनिवार्य , नए नियमों के अनुसार
• रोज़ाना सिर्फ 8 घंटे काम
• लगातार 5 घंटे काम के बाद 30 मिनट का ब्रेक
• हर हफ्ते कम से कम 24 घंटे की छुट्टी अनिवार्य
यह नियम मज़दूरों के स्वास्थ्य और मानसिक संतुलन के लिए बेहद अहम है।ओवरटाइम का पूरा पैसा मिलेगा . अगर कर्मचारी तय समय से ज़्यादा काम करता है तो • मूल वेतन से 50% अतिरिक्त भुगतान अनिवार्य • बिना ओवरटाइम पैसे के काम कराना गैरकानूनी होगा ,
काम के दौरान मौत होने पर पूरा खर्च कंपनी उठाएगी
अगर दुर्भाग्यवश किसी कर्मचारी की काम के दौरान मृत्यु हो जाती है, तो
• अंतिम संस्कार
• शव को उसके देश (भारत) भेजने का खर्च
पूरा खर्च कंपनी मालिक को देना होगा
यह नियम मानवीय दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण है।सऊदी अरब में बड़ी संख्या में भारतीय मज़दूर काम करते हैं — कंस्ट्रक्शन, फैक्ट्री, ड्राइवर, टेक्नीशियन और घरेलू सेक्टर में। नए नियमों से . भारत से जाने वाले कामगारों का भरोसा बढ़ेगा . सऊदी अरब के ये नए लेबर नियम सिर्फ कानून नहीं, बल्कि मज़दूरों की इज्ज़त और अधिकारों की गारंटी हैं। भारतीयों के लिए यह समय उम्मीद और सुरक्षा लेकर आया है।
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