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कुवैत सरकार का बड़ा फैसला: Uber और Careem में कुवैतियों को नौकरी अनिवार्य, प्रवासियों पर संकट

कुवैत सरकार ने देश की रोजगार नीति में एक और बड़ा बदलाव करते हुए Uber और Careem जैसी राइड-हेलिंग कंपनियों के लिए नया नियम लागू करने का फैसला किया है। इस फैसले के तहत अब इन कंपनियों को कुवैती नागरिकों को नौकरी देना अनिवार्य होगा। सरकार के इस कदम को “कुवैताइजेशन” नीति का हिस्सा माना जा रहा है, जिसका उद्देश्य देश में स्थानीय नागरिकों को प्राथमिकता देकर बेरोजगारी कम करना है।

क्या है नया नियम?

नए फैसले के अनुसार:
• Uber और Careem को अपने प्लेटफॉर्म पर कुवैती ड्राइवरों की न्यूनतम संख्या सुनिश्चित करनी होगी
• लाइसेंस नवीनीकरण और संचालन की अनुमति स्थानीय रोजगार अनुपालन से जोड़ी जाएगी
• कंपनियों को सरकार को नियमित रूप से रोजगार डेटा रिपोर्ट देनी होगी

सरकार का कहना है कि लंबे समय से निजी और गिग इकोनॉमी सेक्टर में प्रवासियों का दबदबा रहा है, जिससे स्थानीय युवाओं को पर्याप्त अवसर नहीं मिल पा रहे थे।

प्रवासी ड्राइवरों पर संकट

इस फैसले से सबसे ज्यादा असर भारतीय, पाकिस्तानी, बांग्लादेशी, फिलिपीनी और नेपाली प्रवासी ड्राइवरों पर पड़ने की आशंका है। हजारों प्रवासी पिछले कई वर्षों से Uber और Careem के माध्यम से अपनी आजीविका चला रहे हैं।

संभावित प्रभाव:
• प्रवासी ड्राइवरों के कॉन्ट्रैक्ट रिन्यू न होने का खतरा
• आय में कटौती या पूरी तरह नौकरी छूटने की आशंका
• वीज़ा और रेज़िडेंसी पर अनिश्चितता

कई प्रवासी संगठनों का कहना है कि यह फैसला अचानक लागू किया गया तो हजारों परिवारों की आर्थिक स्थिति पर गहरा असर पड़ेगा।

सरकार का पक्ष क्या है?

कुवैत सरकार का तर्क है कि:
• देश में युवाओं में बेरोजगारी बढ़ रही है
• सरकारी नौकरियों पर अत्यधिक निर्भरता कम करनी जरूरी है
• निजी और डिजिटल सेक्टर में कुवैतियों की भागीदारी बढ़ाना समय की मांग है

सरकार का दावा है कि कुवैती युवाओं को ट्रेनिंग और सब्सिडी देकर इस सेक्टर के लिए तैयार किया जाएगा।

Uber और Careem की प्रतिक्रिया

हालांकि कंपनियों की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक विस्तृत बयान नहीं आया है, लेकिन सूत्रों के मुताबिक:
• कंपनियां सरकार से समय और लचीलापन मांग सकती हैं
• संचालन लागत बढ़ने की संभावना है
• किराए (Fares) में भी आंशिक वृद्धि हो सकती है

आगे क्या होगा?

विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में:
• प्रवासियों के लिए गिग इकोनॉमी के अवसर सीमित हो सकते हैं
• खाड़ी देशों में स्थानीयकरण नीतियां और सख्त होंगी
• प्रवासियों को वैकल्पिक स्किल्स और सेक्टर की ओर रुख करना पड़ेगा

कुवैत सरकार का यह फैसला जहां स्थानीय नागरिकों के लिए रोजगार के नए दरवाज़े खोल सकता है, वहीं प्रवासी समुदाय के लिए यह एक चेतावनी भी है। आने वाले महीनों में इस नीति के वास्तविक प्रभाव साफ होंगे, लेकिन इतना तय है कि खाड़ी देशों की रोजगार संरचना तेजी से बदल रही है।

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