FASTag लगवाने में कितना खर्च आता है? पूरी जानकारी , FASTag कैसे बनवाएं और कितना पैसा लगता है
FASTag लगवाने में कितना खर्च आता है? पूरी जानकारी 2026
भारत में हाईवे पर सफर करने वालों के लिए National Highways Authority of India ने टोल सिस्टम को आसान बनाने के लिए FASTag को अनिवार्य कर दिया है। आज लगभग हर गाड़ी में FASTag लगाया जाता है ताकि टोल प्लाज़ा पर लंबी लाइन से बचा जा सके और डिजिटल पेमेंट आसानी से हो सके।
लेकिन बहुत से लोग Google पर यह सर्च करते हैं कि FASTag लगवाने में कितना खर्च आता है। आइए इसकी पूरी जानकारी आसान भाषा में समझते हैं।
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FASTag क्या होता है?
FASTag एक इलेक्ट्रॉनिक टोल कलेक्शन सिस्टम है जो RFID टेक्नोलॉजी पर काम करता है। इसे गाड़ी के सामने वाले शीशे पर लगाया जाता है।
जब आपकी गाड़ी टोल प्लाज़ा से गुजरती है तो पैसे अपने आप FASTag वॉलेट से कट जाते हैं। इससे टोल पर रुकने की जरूरत नहीं पड़ती और समय की बचत होती है।
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FASTag लगवाने में कितना खर्च आता है?
भारत में FASTag की कीमत बैंक और कंपनी के अनुसार थोड़ी अलग हो सकती है, लेकिन आमतौर पर इसका खर्च लगभग इस तरह होता है:
1️⃣ FASTag स्टिकर कीमत
लगभग ₹100
2️⃣ सिक्योरिटी डिपॉजिट
लगभग ₹200 – ₹400
3️⃣ मिनिमम बैलेंस / रिचार्ज
लगभग ₹200 – ₹500
👉 यानी कुल मिलाकर FASTag लगवाने में लगभग ₹400 से ₹1000 तक खर्च आ सकता है।
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FASTag कहाँ से लगवाया जा सकता है?
आप FASTag कई जगहों से आसानी से लगवा सकते हैं।
• टोल प्लाज़ा
• बैंक ब्रांच
• ऑनलाइन वेबसाइट
• पेट्रोल पंप
भारत में कई बैंक FASTag जारी करते हैं जैसे:
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FASTag लगवाने के लिए जरूरी डॉक्यूमेंट
FASTag बनवाने के लिए आपको ये डॉक्यूमेंट देने होते हैं:
• आधार कार्ड
• पैन कार्ड
• गाड़ी की RC
• पासपोर्ट साइज फोटो
• मोबाइल नंबर
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FASTag के फायदे
FASTag लगाने के कई फायदे हैं:
✔ टोल प्लाज़ा पर लाइन में खड़ा नहीं होना पड़ता
✔ डिजिटल पेमेंट आसानी से हो जाता है
✔ समय और ईंधन की बचत होती है
✔ टोल पेमेंट का पूरा रिकॉर्ड मोबाइल में मिलता है
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अगर आप हाईवे पर सफर करते हैं तो FASTag लगवाना बहुत जरूरी है। इसकी कीमत ज्यादा नहीं होती और लगभग ₹400 से ₹1000 में FASTag आसानी से बन जाता है। इससे टोल पेमेंट आसान हो जाता है और सफर भी तेज हो जाता है।
