शाम चुरासी में खुशहाली की नई शुरुआत 61 ज़रूरतमंद परिवारों को मिला अपना स्थायी घर

सरकार का उद्देश्य हमेशा से रहा है हर जरूरतमंद व्यक्ति खुश रहे और हर परिवार सुरक्षित घर में बसे। इसी सोच को आगे बढ़ाते हुए शाम चुरासी कस्बे में एक ऐतिहासिक कदम उठाया गया।
यहाँ रहने वाले 61 परिवारों को नई उम्मीद, नया भरोसा और एक स्थायी छत प्रदान करने की दिशा में बड़ा निर्णय लिया गया।

शाम चुरासी में आयोजित विशेष कार्यक्रम में पात्र परिवारों को घरों के निर्माण के लिए आर्थिक सहायता के चेक वितरित किए गए।
सरकार का मानना है कि स्थायी घर सिर्फ ईंट-पत्थर नहीं होते, बल्कि आत्मसम्मान, सुरक्षा और बेहतर जीवन का प्रतीक होते हैं।इन परिवारों को यह सहायता मिलते ही उनके चेहरों पर जो खुशी दिखी, वह किसी भी योजना की सबसे बड़ी सफलता थी।सरकारी योजनाओं का उद्देश्य केवल घर बनवाना नहीं, बल्कि संपूर्ण विकास सुनिश्चित करना है।
इसी कड़ी में सफाई, स्वास्थ्य और पशुपालन के लिए भी आर्थिक सहयोग दिया गया।

61 लाभार्थियों को कुल राशि — ₹1,50,48,000/ दी गई मकान के विकास के लिए।

यह राशि केवल आर्थिक मदद नहीं बल्कि एक बड़े विश्वास का प्रतीक है कि . सरकार हर जरूरतमंद के साथ है, और हर परिवार खुश रहना चाहिए। मवेशियों की देखभाल के लिए दी गई यह राशि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूत बनाएगी क्योंकि पशुपालन कई परिवारों की आय का मुख्य स्रोत है।शाम चुरासी कस्बे में यह पहल साबित करती है कि जब नीयत सही हो और प्रशासनिक इच्छा मजबूत, तब बदलाव ज़रूर आता है।
सरकार का लक्ष्य सिर्फ कागज़ों में योजनाएँ चलाना नहीं, बल्कि ज़मीन पर उतरकर लोगों की जिंदगी बेहतर बनाना है। इस कार्यक्रम में डॉ. रवजोत सिंह ने दोहराया कि
“हमारी जिम्मेदारी सिर्फ योजनाएँ बनाना नहीं, बल्कि हर ज़रूरतमंद तक सहायता पहुँचाना है।

पंजाब के जितने भी मजदूर भाई हैं, अगर उनके सत्य की घर कच्ची या उनका मकान नहीं बना हुआ है तो इस योजना में उनका मकान जल्दी बन जाएगा। आपको श्रमिक फॉर्म भरने की जरूरत है। इसके चलते हैं आप अपने मकान की मजदूरी नरेगा का काम खुद करवाते हैं तो आपको 31 हजार रुपए लेबर तक के खाते में मिल सकते हैं।

शाम चुरासी में विकास का नया अध्याय शुरू

61 परिवारों को अपने स्थायी घरों की ओर बढ़ते हुए देखना न सिर्फ सरकार के लिए, बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए गर्व की बात है।
यह शुरुआत है उस भविष्य की, जहाँ हर परिवार सुरक्षित, खुशहाल और आत्मनिर्भर होगा।

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