
भारत की सीमाओं पर हर दिन कई चुनौतियाँ खड़ी रहती हैं—कभी ड्रग तस्करी, कभी हथियारों की तस्करी और कभी सोना व विदेशी सामान की अवैध ढुलाई। लेकिन इस बार बीएसएफ (Border Security Force) ने एक ऐसी कार्रवाई की है जिसने स्मगलिंग नेटवर्क की कमर तोड़ दी है। दो तस्करों को 2.4 करोड़ रुपये के सोने के साथ पकड़कर बीएसएफ ने साबित कर दिया कि सीमा सुरक्षा सिर्फ एक ड्यूटी नहीं, बल्कि राष्ट्र की अर्थव्यवस्था और सुरक्षा की रक्षा का संकल्प भी है। हमारे देश की बीएसएफ आर्मी हमेशा ही तैयार रहती है। ऐसे मां को ढूंढती है कि कब दुश्मन का पर्दाफाश कर सके।
घटना कैसे शुरू हुई
राजस्थान–पंजाब–बांग्लादेश की सीमाओं पर पिछले कुछ महीनों से सोना तस्करी अचानक बढ़ गई थी। इनपुट मिल रहे थे कि तस्कर बड़े रैकिट के हिस्से हैं और रात के अंधेरे में सीमा पार से सोने की ब्रिक भारत में भेजी जा रही है। बीएसएफ इंटेलिजेंस टीम लगातार कई दिनों से इस नेटवर्क की गतिविधियों पर निगरानी रखे हुए थी। इस बीच एक रात गश्त कर रही बीएसएफ की टीम को दो संदिग्ध युवक दिखाई दिए—उनकी बॉडी लैंग्वेज, जल्दबाज़ी और बैग को पकड़ने का तरीका देखकर जवान समझ गए कि मामला सामान्य नहीं है।
बीएसएफ के जवानों ने जैसे ही युवकों को रुकने का इशारा किया, वे भागने लगे। रात के अंधेरे में भी बीएसएफ ने उन्हें 300 मीटर तक पीछा किया और आखिरकार दोनों को काबू कर लिया।जैसे ही उनके बैग खोले गए—अंदर से चमचमाती गोल्ड की ईंटें मिला! सोने का कुल वजन लगभग 4 किलो के आसपास बताया जा रहा है, जिसकी मार्केट वैल्यू लगभग ₹2.4 करोड़ बैठती है।
सोना कहां से आया? किसके पास जा रहा था
दूसरी ओर से सोने को छोटे-छोटे पैकेट में फेंका जाता था। पकड़े गए युवक सिर्फ ‘कैरीयर’ थे उनके पीछे बड़ा नेटवर्क काम कर रहा है। हर सफल डिलीवरी पर इन्हें 10–15 हजार रुपये तक मिलते थे।बीएसएफ ने तुरंत कस्टम विभाग और पुलिस को सूचना देकर केस को आगे ट्रांसफर कर दिया है। अब इनसे जुड़े बाकी स्मगलर गैंग की तलाश तेज कर दी गई है।यह सिर्फ दो तस्करों की गिरफ्तारी नहीं है—यह पूरी तस्करी चेन पर बड़ा ब्रेक है।
देश की रक्षा सिर्फ बॉर्डर पर नहीं . अर्थव्यवस्था को बचाना भी बहुत जरूरी है बीएसएफ ने फिर साबित कर दिया वो सिर्फ सीमा के प्रहरी नहीं, बल्कि देश की ढाल हैं .
