9899-100002 पर मिस्ड कॉल दें और बनें पिंडों के पहरेदार , नशा तस्करी को रोकने का यह आसान काम।

नशे के खिलाफ जंग पिंडों के पहरेदार अभियान का दूसरा चरण शुरू
पंजाब में नशे के खिलाफ चल रही मुहिम अब एक नए और मजबूत चरण में प्रवेश कर चुकी है। युद्ध नशियों विरुद्ध अभियान के अंतर्गत पिंडों के पहरेदार कार्यक्रम का दूसरा चरण शुरू किया गया है। इस पहल का उद्देश्य गांव-गांव तक जागरूकता फैलाना और आम नागरिकों को नशा विरोधी अभियान से सीधे जोड़ना है।
कोई भी आपके गांव में नशा तस्कर या कोई गलत काम कर सकता है तो डायरेक्ट आप गवर्नमेंट को फोन करके उसका पर्दाफाश कर सकते हैं।
इस अभियान की सबसे खास बात यह है कि इसमें शामिल होने के लिए किसी लंबी प्रक्रिया की जरूरत नहीं है। बस 9899-100002 नंबर पर एक मिस्ड कॉल देकर कोई भी व्यक्ति पिंडों का पहरेदार बन सकता है। यह एक आसान लेकिन प्रभावी कदम है, जिससे समाज में बदलाव की शुरुआत होती है।
यह है असली कम और महफूज भी।
पिंडों के पहरेदार बनने का मतलब है नशे के खिलाफ सतर्क रहना, युवाओं को जागरूक करना और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखना। यह अभियान केवल प्रशासन का नहीं, बल्कि पूरे समाज का साझा प्रयास है। जब गांव के लोग खुद आगे आकर जिम्मेदारी लेते हैं, तभी नशे जैसी गंभीर समस्या पर काबू पाया जा सकता है।
नशे के कारण कई परिवार बर्बाद हो चुके हैं और युवा पीढ़ी इसका सबसे बड़ा शिकार बनी है। ऐसे में यह पहल सामुदायिक चौकसी और सामाजिक एकजुटता को बढ़ावा देती है। स्कूल, पंचायत, युवा वर्ग और महिलाएं—सभी इस मुहिम का अहम हिस्सा बन सकते हैं।
अगर आप भी अपने गांव, समाज और आने वाली पीढ़ियों को नशे से बचाना चाहते हैं, तो आज ही 9899-100002 पर मिस्ड कॉल दें और नशा मुक्त समाज की इस लड़ाई में भागीदार बनें।
