7 जनवरी तक सभी स्कूल बंद छुट्टी का ऐलान।ठंड और बारिश ने बढ़ाई चिंता

स्कूलों की छुट्टियाँ बढ़ने की आहट, बारिश बनाएगी हालात और सख़्त
उत्तर भारत में इस समय ठंड केवल मौसम नहीं, बल्कि दिनचर्या बदल देने वाला संकट बन चुकी है। दिसंबर के आख़िरी दिनों में जिस तरह ठंड ने रफ्तार पकड़ी है, उसे देखकर यह साफ संकेत मिल रहे हैं कि जनवरी की शुरुआत तक स्कूलों में छुट्टियाँ आगे बढ़ सकती हैं। मौसम विभाग की ताज़ा गतिविधियाँ बता रही हैं कि आने वाले दिनों में बारिश के साथ ठंड और तेज़ होगी, जिससे बच्चों की सुरक्षा सरकारों की पहली प्राथमिकता बन गई है।g
ठंड + बारिश = डबल असर
इस बार ठंड सामान्य नहीं है।
सुबह और रात के समय
• घना कोहरा
• शीत लहर
• नमी भरी ठंड
बारिश के कारण तापमान और नीचे गिरने की संभावना है। गीली हवा शरीर की गर्मी तेजी से छीन लेती है, जिससे छोटे बच्चों के बीमार पड़ने का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। ये सभी हालात स्वास्थ्य के लिए जोखिम भरे हैं। इसी वजह से शिक्षा विभागों पर लगातार दबाव बढ़ रहा है कि छुट्टियों की अवधि को 1–2 हफ्ते और बढ़ाया जाए।
ठंड इस बार सिर्फ मौसम नहीं, बल्कि नीतिगत फैसलों को प्रभावित करने वाली ताक़त बन चुकी है। बारिश और शीत लहर के इस मेल ने साफ कर दिया है कि जनवरी की शुरुआत स्कूलों के लिए आसान नहीं होगी। आने वाले कुछ दिन तय करेंगे कि बच्चों की पढ़ाई क्लासरूम में होगी या घर की गर्माहट में।
संभावनाएँ साफ हैं
• नर्सरी से 8वीं तक छुट्टी बढ़ सकती है
• बड़े छात्रों के लिए टाइमिंग बदली जा सकती है
• ऑनलाइन कक्षाओं पर अस्थायी ज़ोर
• बच्चों को ठंड में बाहर न निकलना पड़े
• पढ़ाई से ज़्यादा सेहत को अहमियत मिले
वहीं सरकार के सामने चुनौती है कि:
• शिक्षा प्रभावित न हो
• लेकिन बच्चों की जान भी जोखिम में न पड़े
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