16 जनवरी को जालंधर आएंगी राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, NIT में दीक्षांत समारोह

16 जनवरी को जालंधर आएंगी राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, NIT के लिए ऐतिहासिक दिन
पंजाब के जालंधर शहर के लिए 16 जनवरी का दिन ऐतिहासिक बनने जा रहा है। भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू इस दिन जालंधर के प्रतिष्ठित राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (NIT) के दीक्षांत समारोह में शामिल होंगी। यह दौरा न केवल शैक्षणिक जगत के लिए, बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए गौरव का विषय माना जा रहा है।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू NIT जालंधर में छात्रों को डिग्रियां प्रदान करेंगी और उन्हें राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका निभाने के लिए प्रेरित करेंगी। उनकी उपस्थिति से छात्रों में नई ऊर्जा और आत्मविश्वास का संचार होगा। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और कार्यक्रम को भव्य रूप देने की तैयारियाँ अंतिम चरण में हैं।
खास बात यह है कि द्रौपदी मुर्मू NIT जालंधर का दौरा करने वाली देश की दूसरी राष्ट्रपति होंगी। इससे पहले भारत के पूर्व राष्ट्रपति और “मिसाइल मैन” के नाम से प्रसिद्ध डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम NIT आए थे और उन्होंने छात्रों को डिग्रियां वितरित की थीं। डॉ. कलाम का वह दौरा आज भी छात्रों और शिक्षकों के लिए प्रेरणास्रोत माना जाता है।
राष्ट्रपति मुर्मू का यह दौरा शिक्षा के महत्व, युवाओं की भूमिका और तकनीकी विकास पर केंद्रित रहेगा। उम्मीद की जा रही है कि उनके संबोधन में आत्मनिर्भर भारत, नवाचार और अनुसंधान जैसे विषयों पर विशेष जोर दिया जाएगा।
जालंधर और आसपास के क्षेत्रों में इस कार्यक्रम को लेकर उत्साह का माहौल है। यह दौरा न केवल NIT जालंधर की प्रतिष्ठा को और ऊँचाई देगा, बल्कि पंजाब को राष्ट्रीय स्तर पर एक नई पहचान भी दिलाएगा।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के जालंधर आने का मुख्य उद्देश्य NIT जालंधर के दीक्षांत समारोह में शामिल होना है।
वे छात्रों को डिग्रियां प्रदान करेंगी और उन्हें भविष्य के लिए प्रेरित करेंगी।
इस दौरे के माध्यम से शिक्षा, नवाचार और तकनीकी विकास को बढ़ावा देने का संदेश दिया जाएगा।
साथ ही यह NIT जालंधर और पूरे क्षेत्र के लिए सम्मान और गौरव का विषय है।
