पंजाब की राजनीति में आज जो हुआ, उसे देखकर सोशल मीडिया से लेकर चाय की दुकानों तक हर जगह एक ही बात हो रही है—
ये तो फिल्मी सीन बन गया भाई – सुबह-सुबह जैसे ही इलाके में खबर फैली कि
सुखबीर बादल आज बड़ा विरोध करने आ रहे हैं
लोग उत्साह से भरकर इकट्ठा होने लगे – जैसे फिल्म में एंट्री होती है,
वैसे ही पुलिस की गाड़ियों की कतार दूर से नज़र आई। लोग सोच रहे थे—बस कुछ मिनट में भाषण होगा, नारे लगेंगे, और घर चले जाएंगे।लेकिन पुलिस जैसे ही करीब आई,
उधर भीड़ की फुसफुसाहट बढ़ गई,
इधर नेता जी के समर्थकों में हलचल।

एक सेकंड में माइक बंद,
दूसरे सेकंड में पुलिसकर्मियों का घेरा,
तीसरे सेकंड में पूरी भीड़ दंग – सुखबीर बादल को पुलिस ने पकड़ लिया – लेकिन असली कहानी तो अभी शुरू हुई थी…
फैसला आया—
4 दिन का रिमांड –

कुछ समर्थक चिल्लाए—
तानाशाही है
कुछ विरोधी बोले—
सही किया
और सोशल मीडिया?
वो तो पूरी तरह फट पड़ा—
मीम, वीडियो, लाइव, ट्वीट… सब एक ही लाइन में।

रिमांड का असली मतलब क्या

राजनीति में रिमांड कोई सज़ा नहीं होता—
ये उस पर्दे के पीछे की कहानी का हिस्सा होता है
जहाँ कई सवाल पूछे जाते हैं,
कई जवाब मिलते हैं
और कई बार नए रहस्य खुलते हैं।4 दिन का ये रिमांड
अब आने वाले वक्त की राजनीति को तेज करेगा,
या उलझाएगा—
यह तो वक्त ही बताएगा।लेकिन एक बात साफ है—
आज की घटना ने सुस्त राजनीति में अचानक करंट डाल दिया है।

अंत में— कहानी में असली ट्विस्ट अभी बाकी है

राजनीति कभी सीधी नहीं चलती।
विरोध से शुरू हुई यह लड़ाई
अब 4 दिन के रिमांड की कहानी बन चुकी है। आने वाले दिनों में
या तो बड़ा खुलासा होगा,
या ये घटना किसी नए राजनीतिक गेम की शुरुआत बनेगी। पर आज की तारीख़ याद रखिए—
इस दिन पंजाब की राजनीति ने एक नया मोड़ ले लिया।पंजाब के पुराने ओल्ड एमएलए कम को पुलिस ने पकड़ा। इसका फुल जानकारी वीडियो आगे आने वाला है तो जरूर देखिएगा देखने के लिए अभी हमारे साथ जुड़ जाए।

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