महिलाओं को ग्रुप लोन कैसे मिलता है? SHG लोन की पूरी प्रक्रिया 2026
महिलाओं को ग्रुप लोन कैसे मिलता है? गाँव-गाँव में Self Help Group (SHG) लोन की पूरी, आसान और अपडेटेड जानकारी (2026)
ग्रामीण भारत में महिलाओं की आर्थिक ताकत तेजी से बढ़ रही है। आज कई महिलाएँ Self Help Group (SHG) यानी स्वयं सहायता समूह बनाकर छोटे-छोटे कारोबार शुरू कर रही हैं—जैसे डेयरी, सिलाई, मसाला-आचार बनाना, ब्यूटी पार्लर, किराना दुकान आदि। इन कामों के लिए पूंजी की जरूरत होती है, और यहीं पर ग्रुप लोन सबसे बड़ा सहारा बनता है। आइए जानें कि महिलाओं को ग्रुप लोन कैसे मिलता है, पात्रता क्या है, और आवेदन की पूरी प्रक्रिया क्या है।
⸻
ग्रुप लोन क्या होता है?
ग्रुप लोन वह ऋण है जो 5–20 महिलाओं के समूह को एक साथ दिया जाता है। समूह की सभी सदस्य मिलकर जिम्मेदारी उठाती हैं। अगर किसी एक सदस्य से किस्त लेट होती है, तो बाकी सदस्य सहयोग करती हैं। इसी “सामूहिक जिम्मेदारी” के कारण बैंकों और माइक्रोफाइनेंस संस्थानों को जोखिम कम लगता है और लोन मिलना आसान हो जाता है।
⸻
किन संस्थाओं से मिलता है ग्रुप लोन?
1. बैंक – सरकारी और निजी बैंक SHG के माध्यम से लोन देते हैं।
2. माइक्रोफाइनेंस कंपनियाँ (NBFC-MFI) – छोटे टिकट साइज के लोन जल्दी प्रोसेस करती हैं।
3. सरकारी योजनाएँ – जैसे Deendayal Antyodaya Yojana – National Rural Livelihoods Mission (DAY-NRLM), जो ग्रामीण महिलाओं के समूहों को बैंक से जोड़कर सस्ती दरों पर लोन दिलाने में मदद करती है।
⸻
पात्रता (Eligibility) क्या है?
• 18 से 60 वर्ष की महिलाएँ
• 5–20 सदस्य का सक्रिय SHG
• नियमित मासिक/साप्ताहिक बचत और मीटिंग
• समूह का बैंक खाता
• KYC (आधार, फोटो, मोबाइल नंबर)
कई मामलों में पहले 3–6 महीने की नियमित बचत और बैठकों का रिकॉर्ड दिखाना जरूरी होता है।
⸻
कितना लोन मिलता है?
• पहली बार: ₹10,000 से ₹50,000 प्रति सदस्य (समूह के आकार पर निर्भर)
• समय पर भुगतान पर: ₹1 लाख या उससे अधिक तक की बढ़ोतरी संभव
• ब्याज दर: संस्थान के अनुसार अलग-अलग (अक्सर 12%–24% सालाना के बीच)
• अवधि: 6 महीने से 24 महीने
⸻
आवेदन की स्टेप-बाय-स्टेप प्रक्रिया
1. समूह बनाएं – 5–20 महिलाएँ मिलकर SHG रजिस्टर करें।
2. नियमित बचत शुरू करें – हर सदस्य तय रकम जमा करे।
3. बैंक खाता खोलें – समूह के नाम से।
4. KYC और दस्तावेज जमा करें – आधार, फोटो, समूह रजिस्टर की कॉपी।
5. लोन आवेदन – बैंक/माइक्रोफाइनेंस में फॉर्म भरें।
6. सत्यापन व स्वीकृति – फील्ड ऑफिसर विजिट कर सकता है।
7. राशि ट्रांसफर – स्वीकृति के बाद रकम सीधे बैंक खाते में।
⸻
ग्रुप लोन के फायदे
• बिना बड़ी गारंटी के लोन
• महिलाओं की आर्थिक स्वतंत्रता
• छोटे व्यवसाय की शुरुआत आसान
• समूह के जरिए वित्तीय अनुशासन
• समय पर भुगतान पर भविष्य में बड़ा लोन
⸻
ध्यान रखने योग्य बातें
• किसी भी एजेंट को अग्रिम “प्रोसेसिंग फीस” नकद न दें।
• EMI और ब्याज दर की लिखित जानकारी लें।
• सिर्फ रजिस्टर्ड बैंक/संस्था से ही संपर्क करें।
• समूह की मीटिंग और बचत रिकॉर्ड नियमित रखें।
⸻
महिलाओं के लिए ग्रुप लोन सिर्फ एक वित्तीय मदद नहीं, बल्कि आत्मनिर्भर बनने का मजबूत कदम है। सही समूह, नियमित बचत और पारदर्शी प्रक्रिया के साथ गाँव-गाँव की महिलाएँ छोटे कारोबार से बड़ी सफलता की ओर बढ़ सकती हैं। यदि आप भी SHG से जुड़ी हैं, तो अपने नजदीकी बैंक या NRLM से संपर्क कर आज ही प्रक्रिया शुरू करें।
