
दादा-दादी अक्सर इस्तेमाल करते थे—फिटकड़ी। आमतौर पर हम फिटकड़ी को पानी साफ करने, दाढ़ी के बाद लगाने या दांत दर्द में इस्तेमाल होते देखते हैं। लेकिन क्या आपको पता है कि फिटकड़ी अगर सही मात्रा में ली जाए तो इसके कुछ फायदे भी बताए जाते हैं
फिटकड़ी एक प्राकृतिक मिनरल है जिसे अंग्रेज़ी में Alum कहा जाता है। इसमें एंटीबैक्टीरियल, एंटीसेप्टिक और कसैला (Astringent) गुण होते हैं। यही वजह है कि यह कई पुराने आयुर्वेदिक घरेलू नुस्खों में शामिल रही है। फिटकड़ी का कसैला गुण आँतों को सिकोड़ता है, जिससे दस्त में आराम मिल सकता है। आमतौर पर भुनी फिटकड़ी और मिश्री को हल्की मात्रा में दिया जाता है।
फिटकड़ी खाने के बताए जाने वाले फायदे
पुराने घरेलू नुस्खों के अनुसार थोड़ी-सी फिटकड़ी भूनकर चूर्ण बनाकर गर्म पानी के साथ लेने से पेट के कीड़े कम करने में मदद मिल सकती है। पेड़ के अंदर और भी कोई वायरस है तो उसे भी खत्म कर देती है। पेट में इन्फेक्शन बनती है तो उसे दूर कर देती है।
फिटकड़ी खाने का सही तरीका (घर में इस्तेमाल होने वाला सुरक्षित तरीका 👇🏻👇🏻👇🏻👇🏻
भुनी फिटकड़ी का लगभग 1 चुटकी
गर्म पानी के साथ
दिन में एक बार से ज्यादा नहीं
यह पारंपरिक नुस्खा है—इसे अपनाने से पहले सलाह ज़रूर लें।
एसिडिटी और गैस में राहत
भुनी फिटकड़ी की चुटकी कभी-कभी पेट की जलन कम करने में मदद करती है। इसका उपयोग केवल थोड़ी मात्रा में ही किया जाता है। पेट में गैस आजकल हर एक आदमी की प्रॉब्लम बन गई है। पर आप इस देसी नुस्खे से अपनी गैस को हमेशा के लिए खत्म कर सकते हैं। आपको कोई जहर वाली दवाई भी लेनी पड़ेगी जिससे आपका नुकसान या साइड इफेक्ट हो।
बहुत जरूरी सूचना कृपया ध्यान दीजिए खाने से पहले।
फिटकड़ी बहुत तेज़ और कड़वी होती है।
ज़्यादा मात्रा में खाना किडनी, लीवर और पेट के लिए नुकसानदायक हो सकता है।
गर्भवती महिला, बच्चे और BP/किडनी मरीज इसका सेवन न करें।
डॉक्टर या आयुर्वेद विशेषज्ञ की सलाह के बिना नियमित रूप से लेने से बचें। है?
फिटकड़ी एक प्राकृतिक औषधीय मिनरल है, लेकिन इसका सेवन हमेशा सीमित और सावधानी से करना चाहिए।
अगर सही मात्रा में और सही तरीके से लिया जाए तो यह दस्त, पेट के कीड़े और बदबू जैसी समस्याओं में राहत दे सकती है।
परंतु नियमित और अधिक सेवन नुकसान कर सकता है।
