पुराने सिम कार्डों से निकला 25 लाख से ज्यादा का सोना? क्या है पूरी सच्चाई
पुराने सिम कार्डों से निकला 25 लाख से ज्यादा का सोना? क्या है पूरी सच्चाई
आजकल सोशल मीडिया और गूगल पर एक खबर तेजी से वायरल हो रही है कि पुराने सिम कार्डों से 25 लाख रुपये से ज्यादा कीमत का सोना निकाला गया है। इस दावे ने लोगों को हैरान कर दिया है। सवाल उठता है कि क्या वाकई सिम कार्ड से सोना निकल सकता है या यह सिर्फ एक अफवाह है?

सिम कार्ड में सोना कैसे होता है?
पुराने सिम कार्डों से सोना निकलना पूरी तरह झूठ नहीं है, लेकिन इसे बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया जा रहा है। आम लोगों के लिए यह सिर्फ एक जानकारी है, कमाई का तरीका नहीं। बेहतर यही है कि पुराने सिम और इलेक्ट्रॉनिक सामान को सरकारी या प्रमाणित ई-वेस्ट सेंटर में ही दें।
दरअसल, सिम कार्ड और पुराने इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों में बहुत ही कम मात्रा में गोल्ड प्लेटिंग (Gold Plating) होती है। यह सोना चिप्स के संपर्क बिंदुओं पर लगाया जाता है ताकि कनेक्शन बेहतर रहे और जंग न लगे। लेकिन यह मात्रा बेहद सूक्ष्म होती है, जिसे सामान्य तरीके से निकालना आसान नहीं है।
25 लाख का सोना – सच या भ्रम?
विशेषज्ञों के अनुसार, एक या दो नहीं बल्कि लाखों पुराने सिम कार्ड और इलेक्ट्रॉनिक वेस्ट को प्रोसेस करने के बाद ही कुछ ग्राम सोना निकाला जा सकता है। वायरल खबरों में जिस “25 लाख के सोने” की बात की जा रही है, वह किसी एक सिम कार्ड से नहीं बल्कि बड़े स्तर पर ई-वेस्ट रीसाइक्लिंग प्रोजेक्ट से जुड़ी हो सकती है।
क्या आम आदमी सिम से सोना निकाल सकता है?
इसका जवाब है – नहीं।
सोना निकालने की प्रक्रिया में खतरनाक केमिकल, उच्च तकनीक और लाइसेंस की जरूरत होती है। घर पर ऐसा करना न सिर्फ गैरकानूनी है बल्कि सेहत के लिए भी बेहद खतरनाक हो सकता है।
फिर इस खबर का मतलब क्या है?
यह खबर हमें यह बताती है कि:
• पुराने सिम कार्ड और मोबाइल कचरा बेकार नहीं है
• ई-वेस्ट रीसाइक्लिंग से कीमती धातुएं निकाली जा सकती हैं
• लेकिन यह काम सिर्फ अधिकृत कंपनियां ही कर सकती हैं
