पंजाब पर बढ़ा कर्ज का बोझ: सरकार ने लिया 1000 करोड़ का नया कर्ज
पंजाब की आर्थिक स्थिति एक बार फिर चर्चा में है। 31 जनवरी को पंजाब सरकार ने बाजार से 1,000 करोड़ रुपये का नया कर्ज लिया है, जिससे राज्य पर कर्ज का बोझ और बढ़ गया है। इस कर्ज की खास बात यह है कि इसकी किस्तें सरकार को साल 2038 तक चुकानी होंगी, यानी आने वाले कई वर्षों तक इसका असर राज्य की अर्थव्यवस्था पर बना रहेगा।
जानकारी के अनुसार, पंजाब सरकार ने यह कर्ज सरकारी स्टॉक और गहने गिरवी रखकर लिया है। इससे साफ संकेत मिलता है कि राज्य की वित्तीय जरूरतें लगातार बढ़ रही हैं। इससे पहले भी पंजाब सरकार कई बार कर्ज ले चुकी है, जिसके कारण राज्य पहले से ही भारी वित्तीय दबाव में है।

आंकड़ों पर नजर डालें तो पंजाब देश के उन राज्यों में शामिल है, जो सबसे ज्यादा कर्ज लेने वालों की सूची में दूसरे नंबर पर आता है। वर्तमान में पंजाब पर कुल मिलाकर करीब 4 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा का कर्ज बताया जा रहा है। यह रकम राज्य की सालाना आय के मुकाबले काफी बड़ी मानी जा रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि बढ़ता कर्ज भविष्य में विकास कार्यों पर असर डाल सकता है। शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचे जैसे जरूरी क्षेत्रों के लिए बजट सीमित हो सकता है। इसके अलावा कर्ज की ब्याज राशि चुकाने में भी सरकार को बड़ा हिस्सा खर्च करना पड़ता है।
हालांकि सरकार का तर्क है कि यह कर्ज विकास योजनाओं और जरूरी खर्चों को पूरा करने के लिए लिया गया है। लेकिन आम जनता के मन में यह सवाल जरूर उठ रहा है कि बढ़ते कर्ज का बोझ आखिर कब और कैसे कम होगा।
कुल मिलाकर, पंजाब पर बढ़ता कर्ज अब सिर्फ आंकड़ों की बात नहीं रहा, बल्कि यह राज्य के भविष्य से जुड़ा एक गंभीर मुद्दा बन चुका है।
