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नेपाल में इंस्टाग्राम फेसबुक बंद क्यों हुआ? Is Facebook banned in Nepal

नेपाल में यूट्यूब फेसबुक इंस्टाग्राम बंद होने का आखिर क्या है? कारण जानिए पूरी सच्चाई?

पृष्ठभूमि—एक नया डिजिटल मोर्चा
1; • सरकारी आदेश और सुप्रीम कोर्ट की भूमिका
नेपाल की सुप्रीम कोर्ट ने देश में चल रही सभी ऑनलाइन और सोशल मीडिया सेवाओं को रजिस्ट्रेशन और स्थानीय प्रतिनिधि नियुक्ति की शर्तों का पालन करने का निर्देश दिया था—जिसके तहत सोशल प्लेटफ़ॉर्म्स को एक स्थानीय ऑफिस खोलना और शिकायत निवारण अधिकारी रखना अनिवार्य था

2: कल्पना कीजिए: आप सुबह उठते हैं, अपना फोन खोलते हैं और पाते हैं—फेसबुक, इंस्टाग्राम, व्हाट्सऐप, यूट्यूब—सब “डाउन” हैं। अचानक हर वह चैनल बंद, जिसका सहारा आप चौखट पार दूर से दोस्त-परिवार से जुड़ने के लिए लेते थे। यह घटना अब नेपाल में वास्तविकता बन गई है।

3: डेडलाइन और नतीजा
सरकार ने 28 अगस्त 2025 से सात दिनों की सीमा तय की, लेकिन Meta (Facebook, Instagram, WhatsApp), Alphabet (YouTube), X, LinkedIn, Reddit आदि ने नियत समय में आवेदन नहीं किया। नतीजतन, नेपाल दूरसंचार प्राधिकरण ने इन 26 प्रमुख प्लेटफॉर्म्स को ब्लॉक करने का आदेश जारी किया    ।
• अधिकारियों की प्रतिक्रिया
सूचना व प्रौद्योगिकी मंत्री पृथ्वी सुब्बा गुरुङ ने कहा कि “हमने कई बार अनुरोध किया, लेकिन उन्होंने ध्यान नहीं दिया—इसलिए हमारी मजबूरी।”

4; जन-आक्रोश और ‘क्रांति’
• बवाल और विरोध प्रदर्शन
इस निष्क्रियता ने नेपाल की युवा पीढ़ी को सड़कों पर ला खड़ा किया। कैथमांडू समेत कई जगहों पर छात्रों और युवा प्रदर्शनकारियों ने विरोध स्वरूप “Youths against corruption” जैसे नारे लगाए, और पुलिस ने निर्मोही होते हुए लाठी, रबर बुलेट और वाटर कैनन से जवाब दिया। अब स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि कई शहरों में कर्फ्यू लागू कर दिया गया  ।
• जान गंवाने वाले लोग
रिपोर्ट्स के अनुसार कम से कम 19 लोग मारे गए, और दर्जनों गंभीर रूप से घायल हुए हैं   । गृह मंत्री ने इस हिंसा की “नैतिक जिम्मेदारी” लेते हुए इस्तीफा दे दिया है, और अब प्रधानमंत्रियों के पद पर ओली पर भी दबाव बढ़ रहा है

5: समापन: डिजिटल लोकतंत्र का एक मोड़

यह बैन केवल तकनीकी आधार पर नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक सिद्धांतों पर एक बड़ा सवाल खड़ा करता है: क्या डिजिटल मंच अब केवल कानूनी ज़ंजीरों में गले का हार बन कर रह जाएँगे?
नेपाल ने एक नया ‘डिजिटल मोर्चा’ खोल दिया है—जहाँ हर क्लिक, हर पोस्ट और हर लाइक अब राजनीतिक और कानूनी जांच का विषय हो गया है।

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