टैक्स नहीं घटा, फिर भी बड़ी राहत! निर्मला सीतारमण के फैसलों से आम आदमी को क्या मिलेगा

देश का हर आम नागरिक जब बजट का नाम सुनता है, तो सबसे पहला सवाल यही होता है — टैक्स कम हुआ या नहीं?
बजट 2026 को लेकर भी लोगों की उम्मीदें कुछ ऐसी ही थीं। हालांकि इस बार सीधे टैक्स में कटौती नहीं हुई, लेकिन फिर भी वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के फैसलों से आम आदमी को कई मोर्चों पर बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
टैक्स नहीं घटा, राहत कैसे
बजट 2026 का फोकस टैक्स स्लैब बदलने के बजाय महंगाई से राहत और खर्च कम करने पर रहा। सरकार का मानना है कि अगर रोजमर्रा की जरूरतों का बोझ घटेगा, तो वही आम आदमी के लिए सबसे बड़ा फायदा होगा।
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मिडिल क्लास और नौकरीपेशा को क्या फायदा?
• स्टैंडर्ड डिडक्शन को लेकर राहत की संभावना
• होम लोन ब्याज पर नियम आसान
• हेल्थ इंश्योरेंस प्रीमियम पर टैक्स छूट का दायरा बढ़ सकता है
• रिटायरमेंट सेविंग स्कीम को मजबूत किया गया
इससे नौकरीपेशा और मिडिल क्लास परिवारों की जेब पर सीधा असर पड़ेगा।
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गरीब और ग्रामीण वर्ग के लिए राहत
निर्मला सीतारमण के आदेश और बजट की प्राथमिकताओं में:
• सस्ते राशन की योजना जारी
• गैस सिलेंडर सब्सिडी को स्थिर रखने का संकेत
• ग्रामीण रोजगार योजनाओं में फंड बढ़ाने पर जोर
• स्वास्थ्य और शिक्षा पर खर्च बढ़ाने की रणनीति
यह राहत सीधे उन लोगों तक पहुंचेगी, जिनकी आय सीमित है। Budget 2026 में टैक्स कट नहीं हुआ, लेकिन निर्मला सीतारमण के फैसलों से आम आदमी को कई बड़ी राहतें मिली हैं। जानिए पूरा विश्लेषण।
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महंगाई से जंग पर फोकस
बजट 2026 का सबसे बड़ा संदेश यही है कि सरकार महंगाई कंट्रोल को प्राथमिकता दे रही है।
• जरूरी वस्तुओं पर टैक्स स्थिर
• MSME सेक्टर को सपोर्ट
• ट्रांसपोर्ट और इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश
इन फैसलों का असर आने वाले महीनों में कीमतों पर दिख सकता है।
भले ही बजट 2026 में सीधे टैक्स कटौती की घोषणा नहीं हुई, लेकिन खर्च कम करने, सुविधाएं बढ़ाने और महंगाई से राहत देने वाले फैसले आम आदमी के लिए किसी टैक्स छूट से कम नहीं हैं।
निर्मला सीतारमण का यह बजट साफ संकेत देता है कि सरकार अब राहत को टैक्स से नहीं, सुविधा से जोड़कर देखने की दिशा में आगे बढ़ रही है।
