जापान में 65 साल के बाद हर बुजुर्ग को ₹55,000 महीना पेंशन, टैक्स देना जरूरी नहीं

I जापान में 65 साल के बाद हर बुजुर्ग को ₹55,000 महीना पेंशन: जानिए क्यों बुढ़ापा वहाँ बोझ नहीं है
जब दुनिया के कई देशों में बुढ़ापा आर्थिक चिंता बन जाता है, वहीं जापान ने बुजुर्गों को सम्मानजनक जीवन का अधिकार बना दिया है। जापान में 65 वर्ष की आयु पूरी करने के बाद हर नागरिक को सरकार की ओर से लगभग ₹55,000 रुपये महीना पेंशन दी जाती है। खास बात यह है कि यह पेंशन चाहे व्यक्ति ने जीवनभर टैक्स दिया हो या नहीं, सभी को समान रूप से मिलती है।
जापान की इस व्यवस्था को नेशनल पेंशन सिस्टम कहा जाता है। इसका उद्देश्य सिर्फ आर्थिक मदद देना नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि बुढ़ापा किसी पर निर्भरता का प्रतीक न बने। जापानी सरकार मानती है कि बुजुर्ग समाज का अनुभव और धरोहर होते हैं, इसलिए उन्हें सम्मान और सुरक्षा मिलनी चाहिए।
इस पेंशन से बुजुर्ग अपनी रोजमर्रा की जरूरतें, जैसे भोजन, दवाइयाँ, किराया और परिवहन का खर्च खुद उठा सकते हैं। इसके अलावा जापान में बुजुर्गों के लिए फ्री या सस्ती हेल्थकेयर, सामाजिक गतिविधियाँ और सामुदायिक केंद्र भी उपलब्ध हैं, जिससे वे मानसिक और शारीरिक रूप से सक्रिय बने रहते हैं।
जापान की यह सोच दुनिया के लिए एक मिसाल है। वहाँ बुढ़ापा कमजोरी नहीं, बल्कि सम्मान का चरण माना जाता है। यही वजह है कि जापान में बुजुर्ग अकेलापन कम महसूस करते हैं और आत्मनिर्भर जीवन जीते हैं।
भारत जैसे देशों के लिए यह मॉडल सीखने योग्य है, जहाँ बुजुर्गों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। अगर सरकारें बुजुर्गों को न्यूनतम सम्मानजनक पेंशन और स्वास्थ्य सुविधा दें, तो बुढ़ापा एक बोझ नहीं बल्कि जीवन का सुरक्षित और सशक्त पड़ाव बन सकता है।
