गर्भवती महिलाओं के लिए राहत पंजाब सरकार की योजना से हजारों परिवारों को फायदा , बेटी जन्म पर ₹6,000 की मदद

पंजाब सरकार की बड़ी पहल गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं को आर्थिक सहारा
पंजाब सरकार ने महिलाओं और बालिकाओं के स्वास्थ्य एवं सशक्तिकरण की दिशा में एक और अहम कदम उठाया है। राज्य में गर्भवती और दूध पिलाने वाली महिलाओं को आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है, ताकि मातृत्व के दौरान उन्हें किसी भी तरह की आर्थिक परेशानी का सामना न करना पड़े।
गरीब औरतें महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, अब तक 69,110 से अधिक लाभार्थियों को इस योजना के तहत सहायता राशि प्रदान की जा चुकी है। यह मदद खासतौर पर पोषण, स्वास्थ्य जांच और नवजात शिशु की देखभाल के लिए दी जाती है। सरकार का मानना है कि आर्थिक सहयोग से माताओं का स्वास्थ्य बेहतर होगा और बच्चों को भी सही पोषण मिल सकेगा।
Government Of Punjab
इस योजना की एक विशेष बात यह है कि दूसरे बच्चे के रूप में बेटी के जन्म पर 6,000 रुपये की अतिरिक्त आर्थिक सहायता दी जाती है। इसका उद्देश्य बेटियों को प्रोत्साहित करना और समाज में लैंगिक समानता को बढ़ावा देना है। यह पहल “बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ” जैसे अभियानों को मजबूती देती है।
वित्तीय वर्ष 2025–26 के दौरान सरकार का लक्ष्य है कि 1.14 लाख से अधिक महिलाओं को इस योजना के अंतर्गत कवर किया जाए। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग और महिला एवं बाल विकास विभाग मिलकर काम कर रहे हैं, ताकि सहायता समय पर और पारदर्शी तरीके से लाभार्थियों तक पहुंचे।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार की योजनाएं न केवल मातृ मृत्यु दर को कम करने में मदद करती हैं, बल्कि ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को भी सुरक्षा प्रदान करती हैं। यह योजना महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक मजबूत कदम है।
कुल मिलाकर, पंजाब सरकार की यह पहल सामाजिक कल्याण और महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक सकारात्मक संदेश देती है, जो आने वाले समय में राज्य के स्वास्थ्य और सामाजिक ढांचे को मजबूत करेगी।
