गरीबों को घर बनाने के लिए सरकार कितना पैसा देती है पूरी जानकारी , PM Awas Yojana में घर बनाने के लिए पैसा कैसे मिलता है

गरीबों को घर बनाने के लिए सरकार पैसा कैसे देती है पूरी प्रक्रिया आसान भाषा में
आज भी देश में लाखों ऐसे परिवार हैं जिनके पास रहने के लिए पक्का घर नहीं है। इसी समस्या को खत्म करने के लिए भारत सरकार ने गरीब और जरूरतमंद लोगों के लिए घर बनाने की सरकारी सुविधा शुरू की है। लेकिन बहुत से लोगों को यह नहीं पता कि सरकार पैसा सीधे कैसे देती है, कौन लोग इसके हकदार हैं और पूरा प्रोसेस क्या होता है।
सरकार गरीबों को घर क्यों देती है
सरकार का मानना है कि . हर नागरिक को सम्मान के साथ रहने के लिए सुरक्षित घर मिलना चाहिए। इसी सोच के तहत सरकार गरीबों को • कच्चे घर से छुटकारा • सुरक्षित छ• बिजली, शौचालय और पानी की सुविधा देने के लिए आर्थिक मदद करती है। यह योजना गांधी जी के दौर में शुरू कर दी गई थी। अब इसी योजना में लाखों लोग लाभ उठा रहे हैं।
सरकार घर बनाने का पैसा किस योजना से देती है
सरकार घर बनाने का पैसा किस योजना से देती है
सरकार मुख्य रूप से दो बड़ी योजनाओं के जरिए पैसा देती है
प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण (PMAY-G)
यह योजना गांव में रहने वाले गरीब परिवारों के लिए होती है।
प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी (PMAY-U)
यह योजना शहर या कस्बे में रहने वाले गरीब लोगों के लिए होती है।
सरकार पैसा नकद हाथ में नहीं देती, बल्कि सीधे बैंक खाते में भेजती है।
घर बनाने को सरकार जो पैसा देखते हैं उनका सर्वे करने का तरीका कुछ अलग होता है। पहले आपको एक फॉर्म भरना होता है। पीएम आवास योजना का आपका नाम लिस्ट में आते ही आपके घर ऑफिसर आते हैं। आपका घर कच्चा हो तो आपका मकान बना जल्दी स्टार्ट हो जाता है। इसको सिर्फ सरकारी अफसर आकर ही आपके घर में हमेशा सर्वे करेगी। कोई दूसरा नहीं।
सारे पैसे आपको इकट्ठे नहीं मिलेंगे। पैसा किस्तों में ही मिलेगा। इसकी तीन किस होती है
• पहली किस्त: नींव डालने पर
• दूसरी किस्त: दीवार और छत बनने पर
• तीसरी किस्त: घर पूरा होने पर
चलिए जानकारी देते हैं सरकार आपको कितना पैसा देती है
इलाके के हिसाब से राशि अलग-अलग होती है
• ग्रामीण क्षेत्र: लगभग ₹1.20 लाख
• पहाड़ी/विशेष क्षेत्र: लगभग ₹1.30 लाख
• शहरी क्षेत्र: सब्सिडी या सीधी सहायता
इसके अलावा:
• शौचालय के लिए अलग पैसा
• मनरेगा मजदूरी का पैसा भी मिलता है
अगर आपके पास पक्का घर नहीं है तो आपका घर बन सकता है। आपको सरकारी ग्रंथ मिल सकती है। 130,000 की इसमें कुछ शर्ते भी होती हैं। आपके पास पक्का घर नहीं होना चाहिए और आपके परिवार में कोई भी सरकारी नौकरी नहीं होनी चाहिए।
ज्यादा जानकारी के लिए आप अपने गांव के मुखिया जैसे पैन से फार्म भरवा सकते हैं। नहीं तो सीधा खिचहरी या मिनी फैक्ट्री रेट अदालत में जाकर उसके फार्म भरे जाते हैं। 👉 आप फॉर्म भरने का काम अपने मोबाइल फोन या कंप्यूटर से भी कर सकते हैं। गवर्नमेंट ने इसका अलग पोर्टल बना रखा है।pmay.gov.in
