अब किस्मत नहीं, स्किल चलेगी – H-1B वीज़ा में बड़ा बदलाव , H 1 b Visa new rules

US ने खत्म किया H-1B वीज़ा लॉटरी सिस्टम भारतीय प्रोफेशनल्स के लिए बड़ा बदलाव
अमेरिका ने H-1B वीज़ा नीति में ऐतिहासिक बदलाव करते हुए लॉटरी सिस्टम को समाप्त कर दिया है। अब तक H-1B वीज़ा का चयन पूरी तरह किस्मत पर आधारित था, लेकिन नई व्यवस्था के तहत योग्यता और वेतन को मुख्य आधार बनाया जाएगा। यह नया नियम 27 फरवरी 2026 से लागू होगा और इससे वैश्विक टैलेंट हायरिंग की दिशा बदलने की उम्मीद है।
नई नीति के अनुसार, जिन आवेदकों की सैलरी अधिक होगी और जिनके पास एडवांस्ड स्किल्स, स्पेशलाइज्ड डिग्री या उच्च अनुभव होगा, उन्हें प्राथमिकता दी जाएगी। इसका उद्देश्य अमेरिकी कंपनियों को बेहतर टैलेंट उपलब्ध कराना और कम वेतन पर होने वाली भीड़ को रोकना है। सरकार का मानना है कि इससे H-1B वीज़ा का दुरुपयोग कम होगा और वास्तव में योग्य प्रोफेशनल्स को मौका मिलेगा।
भारतीय आईटी प्रोफेशनल्स, इंजीनियर्स, डेटा साइंटिस्ट्स और हेल्थकेयर एक्सपर्ट्स के लिए यह बदलाव खास मायने रखता है। भारत H-1B वीज़ा का सबसे बड़ा लाभार्थी रहा है, और नई प्रणाली में उच्च स्किल वाले भारतीय उम्मीदवारों की संभावनाएं और मजबूत हो सकती हैं। हालांकि, फ्रेशर्स और कम वेतन वाली नौकरियों के लिए आवेदन करने वालों के लिए प्रतिस्पर्धा बढ़ना तय है।
कुल मिलाकर, H-1B वीज़ा का यह नया मॉडल किस्मत से हटकर काबिलियत पर केंद्रित है। यह फैसला अमेरिका की इमिग्रेशन नीति को ज्यादा प्रोफेशनल, पारदर्शी और स्किल-ड्रिवन बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
