सोना-चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट 3 दिनों में चांदी 1.79 लाख और सोना 41 हजार टूटा
देश के सर्राफा बाजार में बीते कुछ दिनों से ऐसा भूचाल आया है, जिसकी उम्मीद शायद निवेशकों ने भी नहीं की थी। सोना और चांदी की कीमतें अर्श से फर्श पर आ गिरी हैं। महज तीन दिनों के भीतर चांदी की कीमतों में 1.79 लाख रुपये प्रति किलो तक की भारी गिरावट दर्ज की गई है, वहीं सोना भी करीब 41 हजार रुपये तक सस्ता हो गया है। इस अचानक आई गिरावट ने निवेशकों, व्यापारियों और आम ग्राहकों को चौंका दिया है।
चांदी में सबसे बड़ी टूट
सोमवार को चांदी की कीमतों में 32,000 रुपये प्रति किलो की एक ही दिन में गिरावट देखी गई। बाजार खुलते ही चांदी के दाम धड़ाम हो गए और दोपहर 2 बजे तक इसकी कीमत करीब 2.33 लाख रुपये प्रति किलो तक फिसलती नजर आई। बीते सप्ताह जहां चांदी रिकॉर्ड ऊंचाई पर थी, वहीं अब इसकी कीमतों में तेज गिरावट ने मुनाफा कमाने वालों को झटका दे दिया है।
विशेषज्ञों का कहना है कि यह गिरावट केवल तकनीकी सुधार नहीं बल्कि वैश्विक स्तर पर बदली परिस्थितियों का नतीजा है।
सोने की चमक भी फीकी
चांदी के साथ-साथ सोने की कीमतों में भी जबरदस्त कमजोरी देखी गई है। सोना प्रति तोला (10 ग्राम) करीब 9,000 रुपये तक सस्ता हो गया है। कुल मिलाकर तीन दिनों में सोने की कीमतों में 41,000 रुपये तक की गिरावट दर्ज की गई है। जो निवेशक हाल ही में ऊंचे स्तर पर सोना खरीद चुके थे, उनके लिए यह गिरावट चिंता का विषय बन गई है।

हालांकि, आम ग्राहकों के लिए यह गिरावट राहत लेकर आई है, खासकर उन लोगों के लिए जो शादी-ब्याह या निवेश के लिए लंबे समय से कीमतें घटने का इंतजार कर रहे थे।
गिरावट की बड़ी वजहें क्या हैं?
विशेषज्ञों के मुताबिक सोना-चांदी की कीमतों में आई इस भारी गिरावट के पीछे कई अहम कारण हैं:
1. अंतरराष्ट्रीय बाजार में दबाव – ग्लोबल मार्केट में डॉलर मजबूत हुआ है, जिससे कीमती धातुओं पर दबाव बढ़ा है।
2. मुनाफावसूली (Profit Booking) – रिकॉर्ड ऊंचाई के बाद निवेशकों ने तेजी से मुनाफा निकालना शुरू किया।
3. ब्याज दरों को लेकर संकेत – अमेरिका और अन्य देशों में ब्याज दरों को लेकर सख्ती के संकेत से सोने की मांग घटी।
4. भू-राजनीतिक तनाव में नरमी – जिन कारणों से पहले सोना सुरक्षित निवेश बना हुआ था, उनमें कुछ हद तक नरमी आई है।
इन सभी कारणों ने मिलकर सोना-चांदी को नीचे खींच दिया।
निवेशकों में मचा हड़कंप
इस तेज गिरावट से छोटे निवेशकों में घबराहट का माहौल है। कई निवेशकों को डर है कि अगर कीमतें और नीचे गईं तो उन्हें भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है। वहीं दूसरी ओर, अनुभवी निवेशक इसे खरीदारी का सुनहरा मौका मान रहे हैं।
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि जो निवेशक लंबी अवधि के लिए सोना-चांदी खरीदना चाहते हैं, उनके लिए यह समय फायदेमंद हो सकता है, लेकिन जल्दबाजी में फैसला लेने से बचना जरूरी है।
आगे क्या रहेगा रुझान?
आने वाले दिनों में सोना और चांदी की कीमतें काफी हद तक:
• अंतरराष्ट्रीय बाजार की चाल
• डॉलर की मजबूती
• ब्याज दरों से जुड़े फैसलों
पर निर्भर करेंगी।
अगर वैश्विक अनिश्चितता दोबारा बढ़ती है तो सोना-चांदी फिर से संभल सकते हैं। लेकिन फिलहाल बाजार में उतार-चढ़ाव बना रहने की संभावना है।
आम लोगों के लिए क्या मतलब?
आम उपभोक्ताओं के लिए यह गिरावट राहत की खबर है। शादी के सीजन से पहले सोने-चांदी के सस्ते होने से ज्वेलरी की खरीदारी बढ़ सकती है। वहीं चांदी के बर्तन और सिक्के खरीदने वालों को भी फायदा मिल सकता है।
सोना और चांदी की कीमतों में आई यह गिरावट हाल के वर्षों की सबसे बड़ी गिरावटों में से एक मानी जा रही है। जहां निवेशकों के लिए यह समय सावधानी बरतने का है, वहीं आम खरीदारों के लिए यह मौका भी बन सकता है। बाजार की चाल पर नजर रखना और सोच-समझकर निवेश करना ही इस समय सबसे बेहतर रणनीति मानी जा रही है।
