बजट 2026 की बड़ी राहत: विदेश से पर्सनल सामान लाने पर कस्टम ड्यूटी 20% से घटकर 10%
बजट 2026 की बड़ी राहत: विदेश से पर्सनल सामान लाने पर कस्टम ड्यूटी 20% से घटाकर 10%, 2 फरवरी से लागू
केंद्रीय बजट 2026 में आम लोगों और विदेश यात्रा करने वालों को बड़ी राहत दी गई है। सरकार ने विदेश से पर्सनल इस्तेमाल का सामान लाने पर लगने वाली कस्टम ड्यूटी को 20 प्रतिशत से घटाकर 10 प्रतिशत करने का अहम फैसला लिया है। यह नया नियम 2 फरवरी 2026 से पूरे देश में लागू हो जाएगा। इस फैसले को मध्यम वर्ग, एनआरआई और विदेश से लौटने वाले यात्रियों के लिए बड़ी सौगात माना जा रहा है।
अब तक ऊंची कस्टम ड्यूटी के कारण विदेश से लाए गए कई निजी सामान महंगे पड़ते थे, लेकिन बजट के इस फैसले से यात्रियों को सीधा आर्थिक फायदा मिलेगा।
क्या है नया नियम?
बजट 2026 के तहत:
• विदेश से लाए जाने वाले पर्सनल यूज़ के सामान पर कस्टम ड्यूटी 20% से घटाकर 10% कर दी गई है
• यह नियम 2 फरवरी 2026 से प्रभावी होगा
• इसका लाभ उन यात्रियों को मिलेगा जो निजी उपयोग के लिए सामान लाते हैं, न कि व्यापारिक उद्देश्य से
सरकार का कहना है कि यह फैसला यात्रियों पर वित्तीय बोझ कम करने और एयरपोर्ट पर अनावश्यक विवादों को घटाने के लिए लिया गया है।
किन लोगों को होगा सबसे ज्यादा फायदा?
इस फैसले से कई वर्गों को सीधा लाभ मिलेगा:
1. विदेश यात्रा से लौटने वाले भारतीय – जो मोबाइल, लैपटॉप, घड़ी, कपड़े या अन्य निजी सामान लाते हैं
2. एनआरआई (NRI) – जो भारत आते समय अपने परिवार के लिए उपहार लाते हैं
3. विद्यार्थी – जो पढ़ाई के लिए विदेश से इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स लेकर आते हैं
4. पर्यटक और प्रोफेशनल्स – जो काम या घूमने के लिए विदेश जाते हैं
अब उन्हें एयरपोर्ट पर पहले की तुलना में कम टैक्स देना होगा।
पहले क्या स्थिति थी?
पहले विदेश से लाए गए पर्सनल सामान पर 20% तक कस्टम ड्यूटी लगती थी। इसके कारण:
• यात्रियों को भारी रकम चुकानी पड़ती थी
• एयरपोर्ट पर कस्टम को लेकर विवाद बढ़ते थे
• कई बार यात्रियों को सामान छोड़ना भी पड़ता था
सरकार को लंबे समय से इस नियम में ढील देने की मांग मिल रही थी।
सरकार ने क्यों लिया यह फैसला?
सरकार का मानना है कि:
• अंतरराष्ट्रीय यात्रा अब आम लोगों के लिए भी सामान्य हो गई है
• डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण आज की जरूरत बन चुके हैं
• ज्यादा टैक्स से यात्रियों में असंतोष बढ़ रहा था
इसलिए बजट 2026 में कस्टम ड्यूटी कम कर “Ease of Travel” को बढ़ावा दिया गया है।
एयरपोर्ट और कस्टम प्रक्रिया पर असर
इस फैसले के बाद:
• एयरपोर्ट पर कस्टम क्लियरेंस प्रक्रिया आसान होगी
• यात्रियों और अधिकारियों के बीच विवाद कम होंगे
• समय की बचत होगी
• यात्रियों का अनुभव बेहतर होगा
विशेषज्ञों का मानना है कि इससे अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों पर भीड़ और शिकायतों में कमी आएगी।
बाजार और अर्थव्यवस्था पर असर
कस्टम ड्यूटी घटने से:
• विदेश से आने वाले इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स की कीमतों पर अप्रत्यक्ष असर पड़ सकता है
• उपभोक्ताओं की क्रय शक्ति बढ़ेगी
• पर्यटन और अंतरराष्ट्रीय यात्रा को बढ़ावा मिलेगा
हालांकि, सरकार ने साफ किया है कि यह छूट केवल पर्सनल इस्तेमाल तक सीमित रहेगी, व्यापारिक आयात पर नियम पहले जैसे ही रहेंगे।
क्या कोई शर्त भी लागू होगी?
हां, सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि:
• सामान की मात्रा और मूल्य निर्धारित सीमा के भीतर होना चाहिए
• व्यावसायिक उद्देश्य से लाए गए सामान पर यह छूट लागू नहीं होगी
• कस्टम अधिकारी को यह तय करने का अधिकार रहेगा कि सामान पर्सनल यूज़ का है या नहीं
इसलिए यात्रियों को नियमों की जानकारी रखना जरूरी होगा।
आम लोगों की प्रतिक्रिया
इस फैसले के बाद सोशल मीडिया पर यात्रियों और एनआरआई समुदाय में खुशी देखी जा रही है। लोगों का कहना है कि यह फैसला देर से ही सही, लेकिन सही दिशा में उठाया गया कदम है। खासकर शादी-ब्याह या परिवार के लिए विदेश से सामान लाने वालों को बड़ी राहत मिलेगी।
बजट 2026 की बड़ी राहत: विदेश से पर्सनल सामान लाने पर कस्टम ड्यूटी 20% से घटाकर 10%, 2 फरवरी से लागू
बजट 2026 का यह फैसला आम यात्रियों के लिए बड़ी राहत लेकर आया है। विदेश से पर्सनल सामान लाने पर कस्टम ड्यूटी 10% किए जाने से न सिर्फ पैसे की बचत होगी, बल्कि यात्रा अनुभव भी बेहतर होगा। 2 फरवरी से लागू होने वाला यह नियम सरकार की उस सोच को दर्शाता है, जिसमें आम नागरिकों की सुविधा को प्राथमिकता दी जा रही है।
