फिरोजपुर–चंडीगढ़ नया रेल प्रोजेक्ट – पंजाब की कनेक्टिविटी में आएगा बड़ा बदलाव

चंडीगढ़/पंजाब के इस नए रेल लिंक प्रोजेक्ट से सिर्फ ट्रेनों की रफ्तार नहीं बढ़ेगी, बल्कि रोजगार, व्यापार, सामाजिक समरसता और क्षेत्रीय विकास को भी नई दिशा मिलेगी। ऐसा बदलाव है, जो सड़क से रेल लंबा रूट से कॉम्पैक्ट रूट अकेले शहरों की कनेक्टिविटी से प्रसार तक ले जाता है। हमारे क्षेत्र के लोगों के लिए यह एक गोअरमेन्ट गिफ्ट जैसा है—देखना होगा कि इसे सही तरह से, समय से पूरा कैसे किया जाए। यह लाइन पंजाब के मलवा और मझा इलाकों को रेल द्वारा सीधे कनेक्ट करेगी, जिससे दोनों क्षेत्रों में आवाजाही और व्यापार को नया बल मिलेगा।
समय-सीमा अभी पूरी तरह नहीं घोषित हुई है, लेकिन यह माना जा रहा है कि आने वाले 2-3 वर्षों में इस पर तेजी आएगी।सरकार ने Ferozepur–Patti rail link नामक रेल लाइन को मंजूरी दी है — इसकी लंबाई लगभग 25.72 किलोमीटर है और अनुमानित लागत करीब ₹ 764.19 करोड़ है।
फीरोजपुर-अमृतसर के बीच दूरी लगभग 196 किमी थी, जिसे इस नई लिंक के बाद लगभग 100 किमी तक कम किया जा सकेगा। आने जाने का खर्चा घटेगा, टाइम बजेगी और रोजगार भी बढ़ेगा।क्योंकि यह भारत-पाकिस्तान सीमा के नज़दीक आता है और रक्षा, लॉजिस्टिक्स के दृष्टिकोण से प्रयोग हो सकता है। अनुमानित लाभ: करीब 10 लाख लोगों को प्रत्यक्ष लाभ, साथ में लगभग 2.5 लाख रोजगार उत्पन्न हो सकते हैं।यह रेल प्रोजेक्ट सिर्फ एक लिंक नहीं बल्कि विकास-कनेक्टिविटी-अपग्रेडेशन का प्रतीक है। फीरोजपुर से शुरू होकर चंडीगढ़ तक (या इसके आसपास) बनने वाला यह ट्रैक नए अवसर, बेहतर यात्रा सुविधाएँ और क्षेत्रीय समृद्धि का द्वार खोलेगा।
