पंजाब पराली प्रबंधन योजना क्या है? 500 करोड़ की नई स्कीम पूरी जानकारी – CRM मशीन सब्सिडी कैसे मिलेगी? पंजाब सरकार की नई लिस्ट 2025

समझदारी अपनाओ, पराली मत जलाओ: पंजाब सरकार की 500 करोड़ रुपये वाली नई पहल से किसान हो रहे लाभान्वित – हर साल अक्टूबर–नवंबर का समय पंजाब के किसानों और सरकार दोनों के लिए चुनौती बनकर सामने आता है। खेत तैयार करने की जल्दबाज़ी, मशीनों की कमी और पराली प्रबंधन की जागरूकता न होने के कारण कई किसान पराली जलाने को मजबूर हो जाते हैं।
लेकिन इस बार तस्वीर बदल रही है—क्योंकि पंजाब सरकार ने पराली प्रबंधन को मिशन मोड में बदल दिया है।
500 करोड़ रुपये की मेगा योजना – किसानों के लिए गारंटी वाला समाधान
राज्य सरकार ने पराली के वैज्ञानिक और सुचारू प्रबंधन के लिए 500 करोड़ रुपये की विशेष योजना लागू की है।
इसके तहत अब तक प्रदेश भर में 1.59 लाख से अधिक क्रॉप रेजिड्यू मैनेजमेंट (CRM) मशीनें किसानों को सब्सिडी पर उपलब्ध करवाई जा चुकी हैं। जो किसान प्राली जलाकर वातावरण को खराब कर देते थे, वह किस ने परली से ही पैसा कमाएंगे परली वेस्ट नहीं?जाएंगे
मशीनों में बहुत से काम के फीचर शामिल है जैसे के नीचे देखिए।
हैप्पी सीडर
सुपर स्ट्रॉ मैनेजमेंट सिस्टम
रोटावेटर
मल्चर
रीकवर स्ट्रॉ बेलर
ज़ीरो-टिल सीडर
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने स्पष्ट संदेश दिया है कि पराली जलाना किसानों की मजबूरी है, गलती नहीं।
इसी लिए सरकार का फोकस यह है कि
✔ मशीनें सस्ती मिलें
✔ गांव स्तर पर कस्टम हायरिंग सेंटर बढ़ें
✔ किसानों को वैज्ञानिक जानकारी दी जाए
✔ पर्यावरण को सुरक्षित रखते हुए फसल चक्र को आसान बनाया जाए
पराली ना जलाने के फायदे और साथ में किसान को भी लाभ होगा जानिए कैसे
पराली जलाने से निकलने वाला धुआं न सिर्फ पंजाब बल्कि दिल्ली-NCR तक असर डालता है।
पराली न जलाने से हवा साफ रहती है और सांस संबंधी बीमारियों में कमी आती है। पराली खेत में मिलाने से मिट्टी में—
जैविक कार्बन बढ़ता है
नमी अधिक समय तक रहती है
उर्वरक की खपत 20–25% तक कम होती है
CRM मशीनों से एक ही बार में कटाई, सफाई और बुआई संभव है, जिससे किसान का समय बचता है और डीज़ल के खर्चे कम होते हैं। मृदा की गुणवत्ता बढ़ने पर किसानों की पैदावार प्राकृतिक रूप से बेहतर होती है।
पंजाब सरकार ने कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के माध्यम से मशीनों की खरीद पर 50%–80% तक सब्सिडी उपलब्ध करवाई है।
गांव के कस्टम हायरिंग सेंटर (CHC) किसानों को मशीन किराये पर देते हैं, ताकि छोटे और सीमांत किसान भी इनका लाभ उठा सकें – पराली ना जलाकर देश का विकास होने दें और वातावरण को खराब ना करें। प्रणाली को सही ढंग से काम में लगायें और पैसा मिलेगा।बचत भी होगी। गवर्नमेंट का सहयोग भी मिलेगा किस को
