
हिमाचल के मनाली में बड़ा खुलासा: ट्रक में प्राली के नीचे छिपाकर गौवंश ले जाते तस्कर, पुलिस ने पूरे ट्रक को पकड़ा
हिमाचल प्रदेश के शांत और प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर मनाली में एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने पूरे इलाके को हिलाकर रख दिया। आमतौर पर सेब, सब्ज़ी और घरेलू सामान लेकर जाने वाले ट्रकों को लोग सहज रूप से गुजरने देते हैं, लेकिन इस बार मामला कुछ और ही निकला। पुलिस ने एक ट्रक को रोककर जब उसकी तलाशी ली तो अंदर का दृश्य देखकर हर कोई दंग रह गया . ऊपर प्राली भरी हुई थी, और उसके नीचे छिपकर ले जाए जा रहे थे कई गौवंश . यह घटना न सिर्फ अवैध पशु तस्करी का मामला उजागर करती है, बल्कि यह भी दिखाती है कि अपराधी किस तरह नई-नई तरकीबों से कानून को धोखा देने की कोशिश करते हैं।
कैसे पकड़ा गया पूरा रैकेट अंदर की कहानी
मनाली पुलिस को पिछले कुछ दिनों से सूचना मिल रही थी कि कुछ लोग गौवंश की अवैध ढुलाई कर रहे हैं। जानकारी इतनी सतही थी कि ट्रक नंबर और लोकेशन तक सब स्पष्ट नहीं था। इसी बीच एक ट्रक ने रात के समय मनाली से गुजरते हुए संदिग्ध हरकत दिखाई – ड्राइवर घबराया हुआ, ट्रक का ऊपर का हिस्सा ढका हुआ, और वजन सामान्य से ज्यादा। पुलिस ने तत्काल नाकाबंदी की और ट्रक को रोका।तलाशी शुरू हुई… और सच सामने आ गया। ट्रक के ऊपर मोटी परत में प्राली (पराली/फसल का अवशेष) डाला हुआ था। नीचे बड़े बड़े खाली स्पेस बनाए गए थे। अंदर कई गौवंश को रस्सियों से बांधकर छिपाया गया था। उन्हें हवा तक सही से नहीं मिल रही थी पूरा सीन देखकर पुलिस वाले भी हैरान रह गए।
तस्कर क्या योजना बनाकर चल रहे थे
यह कोई एक दिन की तस्करी नहीं थी, बल्कि एक पूरा नेटवर्क चल रहा था। पशुओं को हिमाचल से बाहर ले जाकर बेचने की योजना थी। टोल और नाकों पर पकड़ से बचने के लिए ऊपर प्राली डालकर ओवरलोड खेती वाला ट्रक दिखाया जाता था ट्रक में विशेष रूप से डबल लेयर का ढांचा बनाया गया था ताकि पशु छिप सकें हर सफल डिलीवरी पर तस्करों को मोटी रकम मिलती थी।यह सब देखकर पुलिस ने तुरंत ट्रक, ड्राइवर और हेल्पर को हिरासत में ले लिया।पशुओं की स्थिति बेहद खराब — सबसे दर्दनाक हिस्सा the
जब प्राली हटाकर गौवंश को बाहर निकाला गया तो उनकी हालत देखकर वहां मौजूद हर व्यक्ति का दिल पिघल गया . जैसे ही मामला सामने आया, मनाली के लोगों में गुस्सा फैल गया। हिमाचल में गौवंश को परिवार की तरह माना जाता है। कई लोग मौके पर पहुंचे और पुलिस की कार्रवाई की सराहना की।अच्छा हुआ समय रहते पकड़ लिया, नहीं तो पता भी नहीं चलता . यह सिर्फ एक ट्रक पकड़ने का मामला नहीं है। यह हिमाचल में चल रहे उस अवैध व्यापार पर प्रहार है जो लंबे समय से पुलिस की नज़रों से बच रहा था।
