ऑस्ट्रेलिया की तरह भारत में भी बच्चों का सोशल मीडिया होगा बैन , सरकार की बड़ी तैयारी

ऑस्ट्रेलिया की राह पर भारत? बच्चों के सोशल मीडिया पर बैन की तैयारी
ऑस्ट्रेलिया के बाद अब भारत में भी बच्चों के सोशल मीडिया उपयोग को लेकर बड़ी बहस शुरू हो गई है। फेसबुक, इंस्टाग्राम और यूट्यूब जैसे प्लेटफॉर्म बच्चों की मानसिक सेहत पर गहरा असर डाल रहे हैं। इसी को देखते हुए भारत सरकार भी कड़े नियम या संभावित बैन की दिशा में विचार कर रही है।
आज के समय में कम उम्र के बच्चे घंटों मोबाइल स्क्रीन पर बिताते हैं। इससे न केवल उनकी पढ़ाई प्रभावित हो रही है, बल्कि चिड़चिड़ापन, डिप्रेशन और आत्मविश्वास की कमी जैसी समस्याएं भी सामने आ रही हैं। ऑस्ट्रेलिया ने इस खतरे को समझते हुए 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया अकाउंट पर सख्ती की है।
भारत में बच्चों का सोशल मीडिया बैन जरूरी फैसला या सख्ती
माता-पिता के लिए यह राहत की खबर हो सकती है, क्योंकि इससे बच्चों पर निगरानी रखना आसान होगा। वहीं, कुछ लोग इसे डिजिटल शिक्षा और क्रिएटिविटी पर असर डालने वाला कदम मानते हैं।
भारत में तेजी से बढ़ते इंटरनेट उपयोग के साथ बच्चों की सोशल मीडिया पर मौजूदगी भी बढ़ी है। फेसबुक, इंस्टाग्राम और यूट्यूब अब सिर्फ मनोरंजन नहीं, बल्कि बच्चों की दिनचर्या का हिस्सा बन चुके हैं। लेकिन इसके साथ खतरे भी उतनी ही तेजी से बढ़े हैं।
भारत में भी विशेषज्ञ मानते हैं कि बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा बेहद जरूरी है। सरकार यदि सोशल मीडिया बैन नहीं भी करती, तो उम्र सत्यापन, पैरेंटल कंट्रोल और स्क्रीन टाइम लिमिट जैसे नियम लागू किए जा सकते हैं।
इस कदम से बच्चों को डिजिटल लत से बचाया जा सकेगा और वे पढ़ाई, खेल और परिवार के साथ समय बिता पाएंगे। हालांकि कुछ लोग इसे अभिव्यक्ति की आज़ादी पर रोक मानते हैं, लेकिन बच्चों के भविष्य को देखते हुए यह फैसला अहम माना जा रहा है।
आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि भारत इस मुद्दे पर ऑस्ट्रेलिया जैसा सख्त कदम उठाता है या नियमों के जरिए संतुलन बनाता है।
